सोमवार, 14 फ़रवरी 2011

चुगली मत करो

टुकटुक कुत्ता टिमटिम बिल्ली 
दोनों संग में पढ़ते थे ,
बात बात पर मैडम मैना से 
सबकी चुगली करते थे .
एक दिन मैडम ने दोनों को 
कड़ी धूप में खड़ा किया ,
एक हाथ में छड़ी बड़ी ले 
दोनों को ये सबक दिया ;
एक दूजे की निंदा करना 
अच्छी बात नहीं होती !
चलो क्लास रूम में वापस 
म़त रखो सूरत रोती .
दोनों ने फिर माफ़ी मांगी 
अपनी अपनी पूछ हिलाई 
सरपट भागे क्लास रूम को 
अक्ल आज उनको आई .
   

4 टिप्‍पणियां:

चैतन्य शर्मा ने कहा…

सही बात .....शिखा दी

शालिनी कौशिक ने कहा…

bahut sundar prerak kavita..

ममता त्रिपाठी ने कहा…

शिखा जी.................बुत अच्छी कविता....................

सतीश सक्सेना ने कहा…

लगता है इन पूंछ वालों से अच्छी दोस्त कर रखी है ...मैंने भी !