गुरुवार, 18 अगस्त 2011

''बिटिया रानी ''

''बिटिया  रानी  ''
Beautiful Little Girl Stock Photo
दादा जी कहते हैं मुझको ' राजदुलारी '  ,
दादी  कहती - मेरी पोती ' सबसे प्यारी' ,
पापा ' प्रिंसेस' कहते मुझको गोद उठाकर,
मम्मी कहती ' ब्यूटी क्वीन' गले लगाकर,
कहें 'लाडली' चूम के माथा नाना-नानी ,
मामा-मौसी कहते हैं ' परियों की रानी' ,
सारे घर में चहक-चहक  चिड़िया बन घूमूं  ,
पाकर सबका स्नेह  ख़ुशी से मैं  हूँ  झूमूं  .
                                     शिखा कौशिक 
[सभी फोटो गूगल से साभार ]


रविवार, 14 अगस्त 2011

अमन के मम्मी-पापा को हमारी ओर से बहुत-बहुत मुबारकबाद .

प्यारे  नन्हे  दोस्तों 
                  एक बहुत बड़ी खुशखबरी है .हमारी नन्ही सी इस टोली में एक और प्यारे से दोस्त शामिल हो चुके हैं .उनका नाम है ''अमन खान ''.उनका
एक प्यारा सा फोटो भी हमें उनके पापा के ब्लॉग से मिल गया है.आप भी मिलिए  उनसे -
                                            
हम ने उनकी शान में कुछ लिखा है-

इस नन्ही सी जान से बड़ा प्यारा रिश्ता है ,
सजा दे मुस्कान होठों पर ;ये ऐसा फरिश्ता है.

नर्म  बंद मुट्ठी में छिपाए है खजाना खुशियों का  ;
दिलों में भरता सुकून  जब पाक हँसी हँसता है.

ये लेकर आया है रौनक हमारे आँगन  में;
कभी सूरज-कभी चाँद जैसा लगता है.

हजारों साल जिए ये दुआ है हमारी ;
''अमन'' के नाम से गुलशन भी अब महकता है.

             अमन के मम्मी-पापा को हमारी ओर से बहुत-बहुत मुबारकबाद .

      
                                                  शिखा कौशिक 

                      

शनिवार, 13 अगस्त 2011

रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनायें !

रक्षाबंधन  पर्व  की  हार्दिक  शुभकामनायें !

                                                                                   शिखा कौशिक 

रविवार, 7 अगस्त 2011

''मित्र दिवस '' की हार्दिक शुभकामनायें

मेरे नन्हे-मुन्ने दोस्तों आप सभी को ''मित्र दिवस '' की हार्दिक शुभकामनायें .आप सभी अपने मित्रो को सदा  सहयोग करे .
                                          shikha kaushik


बुधवार, 20 जुलाई 2011

पापा हमको ''डॉगी '' ला दो

 पापा हमको ''डॉगी  '' ला दो 
हम डॉगी संग खेलेंगे ;
उसको पुचकारेंगे जी भर 
कभी गोद में ले लेंगे .


पूंछ हिलाएगा जब आकर 
उसको हम सहलायेंगे ;                                                    
मिटटी में गन्दा होगा जब 
उसको हम नहलायेंगे .
पापा हमको ...

बन्दर जब आयेंगे छत पर 
डॉगी से भगवाएंगे   ;
उश ..उश ..कर कूद कूद कर 
उसको जोश दिलाएंगे 
पापा हमको .....

उसको बाँहों में भर लेंगे 
जब स्कूल से आयेंगे ;                                                           
हाथ मिलाना सिखलाएंगे 
योगा भी करवाएंगे .
पापा हमको .....

                    शिखा कौशिक 



गुरुवार, 14 जुलाई 2011

हम बच्चे हैं प्यारे-प्यारे





फूलों जैसे कोमल मन के
तितली जैसे चंचल हैं ,
हम बच्चे हैं प्यारे-प्यारे
सदा ह्रदय से निर्मल हैं .

होंठों पर मुस्कान सजाये
उछल-कूद हम करते हैं ,
अपनी मीठी बोली से
सबका मन हर लेते हैं .

पापा के हम राज दुलारे
माँ की आँख के तारे हैं ,
हमको ही तो सच करने
अब उनके सपने सारे हैं

शिखा कौशिक