शुक्रवार, 6 जुलाई 2012
शुक्रवार, 29 जून 2012
दादा जी हम नाना के घर घूम के आये हैं!
दादा जी हम नाना के घर घूम के आये हैं!
दादा जी हम नाना के घर घूम के आये हैं ;
दादा जी हम नाना के घर घूम के आये हैं ;
मामा ने हमें चाट-पकौड़ी खूब खिलाएं हैं .
दादा जी वहां नाना जी लगते हैं आपके जैसे ;
बिन मांगें पकड़ा देते हैं कुल्फी के लिए पैसे ,
शैतानी करने पर हमको डांट पिलायें हैं .
दादा जी हम नाना के .......
नानी माँ में दादी माँ जैसा है रूप समाया ;
नई कहानी रोज़ सुनकर नैतिक पाठ पढाया ,
आशीषें देकर हर लेती सभी बलाएं हैं .
दादा जी हम नाना के घर .........
मौसी कहती बिलकुल मम्मी जैसे लगते हो तुम ;
मामा कहते हँसो जरा क्यों बैठे रहते गुमसुम ,
चूम के माथा ,गोद उठाकर हमें घुमाएँ हैं .
दादा जी हम नाना के घर घूम के आयें हैं .
शिखा कौशिक
[मेरा आपका प्यारा ब्लॉग ]
मंगलवार, 8 मई 2012
मानवता का ये अनुपम पाठ !
मानवता का ये अनुपम पाठ !
एक दिवस शैतान
वो 'मुन्ना' गया
घूमने पापा संग ;
सड़क किनारे दे 28px; text-align: -webkit-auto;">
पिंजरे जिसमे थे
पिंजरे जिसमे थे
कुछ तोते बंद .
बोला -पापा इन्हें
खरीदो ;घर में
हम इन्हें रखेंगे
इनके संग संग
सुबह-शाम
खूब मजे से खेलेंगे .
पापा बोले 'मुन्ना राजा '
अगर तुम्हे मैं
घर से बाहर यहाँ
घुमाने न लाता ;
घर के भीतर ही भीतर
क्या तुमको अच्छा लग पाता ?
आओ इनको पिंजरों से
आजाद करा दें
मिलकर हम ;
खुले गगन में जब
ये विचरें ;
तब लगते हैं सुन्दरतम ,
मुन्ना बोला पापा
मेरे आप हो जग में
नंबर वन ;
आज पढाया पाठ मुझे
मानवता का ये अनुपम !
shikha kaushik
रविवार, 25 मार्च 2012
नन्ही देवियाँ ब्लॉग जगत की !
नन्ही देवियाँ ब्लॉग जगत की !
ब्लॉग जगत में भी तो नौ देवियों का पूजन होना चाहियें ना !आइये आज इस बार के चैत्र नवरात्रों में हम इन देवियों के दर्शन कर सबसे से यही कहने का प्रयास करें कि-कन्याओं को केवल नौ दिन मत पूजो....इन्हें जन्म लेने दो ...इनका पालन बिना किसी भेदभाव के कीजिये और इन्हें एक अच्छा नागरिक बनाइये ....

रुनझुन -
ब्लॉग जगत में भी तो नौ देवियों का पूजन होना चाहियें ना !आइये आज इस बार के चैत्र नवरात्रों में हम इन देवियों के दर्शन कर सबसे से यही कहने का प्रयास करें कि-कन्याओं को केवल नौ दिन मत पूजो....इन्हें जन्म लेने दो ...इनका पालन बिना किसी भेदभाव के कीजिये और इन्हें एक अच्छा नागरिक बनाइये ....

रुनझुन -
और ये है रुनझुन का संसार. रुनझुन यानी प्रांजलि दीप, सबकी दुलारी, लाडली, चहेती, जिसे सब प्यार से तोषी भी बुलाते है लेकिन पापा के लिये तो वो बस रुनझुन है.. उनकी "जान" और "शान", और मम्मी... उनका क्या कहें..., वो तो रुनझुन में बस खुद को ही जीती हैं। रुनझुन में ही उनका अपना बचपन...अपने सपने जैसे फिर से वापस आ गए हैं। रुनझुन का बेस्ट फ़्रेण्ड है उसका प्यारा भाई...शाश्वत, जो उसके संसार को पूरा करता है और अपने नटखटपन से उस संसार में खुशियाँ भरता है। लेकिन रुकिये... बात यहीं खत्म नही हुई... रुनझुन के संसार में और भी कई लोग हैं जो उसकी खुशियों के साझीदार हैं और खुश होने की वजह भी। रुनझुन अब इस संसार में आपसब को भी जोड़ना चाहती है। तो चलिये इस ब्लॉग के माध्यम से हम सब भी बन जाते हैं रुनझुन के दोस्त!'' पाखी की दुनिया
मेरा नाम पाखी, सारा समय शैतानी करती हुं ऎसा मेरी मां कहती है. बाकी जैसे जैसे मुझे पता चलता रहेगा आपको भी बताती रहुंगी. अक्षयांशी सिंह सेंगर-Akshayanshi अक्षयांशी -- Akshayanshi chulbuli ![]() और यह है मेरा blog.....इसमे होंगी मेरी बातें..मेरे किस्से..मेरे सपने..मेरे गीत...और...दोस्तों की साझेदारी भी.. लविज़ा | Laviza कृतिका चौधरी kritika choudhary16 नवम्बर, 2009 को राजस्थान के चूरू शहर में मां कृष्णा जाखड़ एवं पिता दुलाराम सहारण के यहां जन्म। विभूति-अनिमेष Vibhuti:
shikha kaushik |
गुरुवार, 22 मार्च 2012
नन्ही देवियों को दो वचन !

हम नन्ही -नन्ही देवी हैं ;
हमको है सबसे ये कहना ;
कन्या भ्रूण को मत मारो ;
वे भी हम सबकी हैं बहना .
कन्या उज्जवल करती दो कुल ;
माता,पुत्री, पत्नी,बहना ;
नौ दिन पूजा कर लेने से
नहीं पाप तुम्हारा है धुलना .
[सभी फोटोस गूगल से साभार ]
पूजन नहीं, हमें वचन दो
ऐसे पाप को रोकोगे ;
स्वयं कभी ऐसा करने की
मन से भी ना सोचोगे .
शिखा कौशिक
मंगलवार, 20 मार्च 2012
आज ''गौरैया -दिवस '' है
[गूगल से साभार ]
आज ''गौरैया -दिवस '' है .हमारी प्यारी चिड़िया -''हमारे आस -पास फुदकती रहो ;
हमारे आँगन में आकर चहकती रहो ''
फुदक-फुदक कर डोल रही है
मेरी बगिया में एक चिड़िया .
कितना मीठा बोल रही है ;
मेरी बगिया में एक चिड़िया .
फव्वारे में नहा रही है ;
मेरी बगिया में एक चिड़िया .
सबका मन बहला रही है ,
मेरी बगिया में एक चिड़िया .
शिखा कौशिक
मंगलवार, 28 फ़रवरी 2012
SWEET SWEET GIRL .....YOU CAN DO SO !
| [from free photos.biz] |
SWEET SWEET GIRL ..COME TO ME
BEAUTIFUL ANGEL JUST TELL ME
WHERE DO YOU WANT TO GO ?
AND WHY DO WANT TO GO ?
SHE SAID...SHE SAID....SHE SAID
I WISH TO GO SCHOOL
LIKE MY BROTHER
I WANT TO LEARN SKILLS
BREAK CONSERVATIVE PILLAR
ALL RIGHT....YOU CAN DO SO !
WHERE DO ........
SHE SAID....SHE SAID......SHE SAID
I WISH FREEDOM JUST LIKE A BOY
I WANT TO FLY IN OPEN SKY
ALL RIGHT ...YOU CAN DO SO !
WHERE .......................
SHIKHA KAUSHIK
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