मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

पूंछ वाला छोरा

पूंछ   वाला   छोरा   
                              हम सभी अपने घर में पलने वाले जीव चाहे वह कुत्ता हो ,चिड़िया हो अथवा बिल्ली -सबसे स्नेह करते हैं .हमारा डॉगी है ''जोंटी '' है .उसी पर आधरित है यह गीत .मै उसे ''पूंछ वाला छोरा ''भी कहती हूँ .आप भी गीत का आनंद लीजिये -

ऊपर से नीचे से जब भी बुलाया 
पूंछ वाला छोरा देखो दौड़ा दौड़ा आया .

पूंछ वाले छोरे की आँखे कजरारी 
पूंछ वाला छोरा चलता चाल बड़ी प्यारी 
पूंछ वाला छोरा देखो सबके मन को भाया.
पूंछ वाला छोरा देखो दौड़ा दौड़ा आया .

पूंछ वाले छोरे की बातें  निराली 
पूंछ वाला छोरा करता घर की रखवाली 
पूंछ वाले छोरे ने बन्दर भगाया 
पूंछ वाला छोरा देखो दौड़ा दौड़ा आया .

                                                  शिखा कौशिक 

सोमवार, 11 अप्रैल 2011

प्रॉमिस

प्रॉमिस
पिंकी -चिंकी -टिंकू 
पार्क खेलने जाते ,
टॉफी-चॉकलेट के रैपर  
वहां फेंक कर आते ,
पार्क गन्दा हो जाता था 
फिर भी न शरमाते .

एक दिन पिंकी की मम्मी भी 
उनके साथ गयी थी ,
उन्होंने उनकी ये आदत 
जल्दी नोट करी थी .

कसकर   फिर तीनों को 
अच्छी डांट लगाई,
रखो साफ सफाई 
यही बात समझाई .

तीनों ने प्रॉमिस की उनसे 
रखेंगें हम ध्यान   ,
जिससे होता हो प्रदूषण 
नहीं करेंगे काम .
   

शनिवार, 19 मार्च 2011

शेरू की होली पर अनोखी सजा !


शेरू की होली पर अनोखी सजा !
गुल्लू बन्दर उड़ा रहा है,
गगन में पीला लाल गुलाल,
चुन्नी बिल्ली ले पिचकारी
मचा रही है बड़ा धमाल !

गुल्लू और चुन्नी  ने देखों
दो गुब्बारे दिए उछाल,
नीचे आते आते कर गए
शेरू शेर को पीला लाल!

खुद को पीला लाल देखकर
शेरू को गुस्सा था आया ,
गुल्लू चुन्नी डर कर भागे
पर शेरू उन्हें पकड़ ही लाया .

बोला शेरू फिर गुर्राकर
तुम दोनों को सजा मिलेगी ,
मेरी गुफा में चलना होगा
वहीँ सजा ये पता चलेगी !

दोनों डरते डरते पीछे
शेरू के फिर साथ चल दिए ,
गुफा के अन्दर जब वे पहुंचे
वे दोनों हैरान रह गए !

गुफा में सारे पशु पक्षी मिल
होली खूब मानते थे ,
बीच बीच में  गुझिया   
खाकर खूब आनंद मानते थे !

शेरू ने फिर से धमकाकर
उन दोनों को सजा सुनायी
खेलो गुफा के अन्दर होली
उनको मीठी गुझिया खिलवाई!

''आप सभी को होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाये '
                          शिखा कौशिक

गुरुवार, 24 फ़रवरी 2011

चुनमुन गिलहरी

एक गिलहरी प्यारी-प्यारी
नाम है उसका चुनमुन
सुबह सुबह उठ  जाती  है वो
फुदकती    फिरती वन वन 
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एक रोज वो फुदक रही थी
देखा उसने बाज
थर थर कांपी  जोर से  
हालत हुई ख़राब
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फिर भी उसने जोर से
सबको दी आवाज  
यहाँ नहीं आना कोई
पेड़ पे बैठा बाज
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तभी एक बन्दर आया
जोर से पेड़ हिलाया
पेड़ के हिलते ही
बाज बहुत घबराया
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बाज वहां से भाग लिया
तो बन्दर भी मुस्काया
चुनमुन ने ली साँस चैन की
बड़ा मजा था आया.
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रविवार, 20 फ़रवरी 2011

anokhi jid


न बाहर घूमने जाना है ;
न वीडियो गेम चलाना   है ;
हमने मन में ठाना है ;
इस जिद को मनवाना है ;
हमको भी अपनी छत पर
झंडा अब फहराना है !
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तीन रंग का मोहक झंडा
जिसके बीच में चक्र बना ;
श्वेत  -हरा और केसरिया का
संयोजन है बड़ा भला ,
इसको सतत सलामी देकर
अपना फर्ज निभाना है ,
सबको अब अधिकार मिला है
छत पर झंडा फहराना है .
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                                                        शिखा कौशिक


सोमवार, 14 फ़रवरी 2011

चुगली मत करो

टुकटुक कुत्ता टिमटिम बिल्ली 
दोनों संग में पढ़ते थे ,
बात बात पर मैडम मैना से 
सबकी चुगली करते थे .
एक दिन मैडम ने दोनों को 
कड़ी धूप में खड़ा किया ,
एक हाथ में छड़ी बड़ी ले 
दोनों को ये सबक दिया ;
एक दूजे की निंदा करना 
अच्छी बात नहीं होती !
चलो क्लास रूम में वापस 
म़त रखो सूरत रोती .
दोनों ने फिर माफ़ी मांगी 
अपनी अपनी पूछ हिलाई 
सरपट भागे क्लास रूम को 
अक्ल आज उनको आई .